History of VINURUDHA
( प्रारंभिक सिद्धांत – पृथ्वी की उत्पत्ति )
कई दार्शनिकों और वैज्ञानिकों ने पृथ्वी और सौरमंडल की उत्पत्ति को समझाने के लिए अलग-अलग विचार दिए।
समय के साथ ये विचार विकसित होते गए।
Given by: German philosopher Immanuel Kant (18th century)
Revised by: French mathematician Pierre-Simon Laplace (1796)
Explanation (व्याख्या):
शुरुआत में सूर्य के चारों ओर गैस और धूल का बादल (nebula) था।
➤ Nebula – अंतरिक्ष में गैस (मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम) और धूल का विशाल बादल।
यह बादल धीरे-धीरे घूम (rotating) रहा था।
घूमते-घूमते यह चपटा (disk-shaped) होने लगा।
इसमें से छोटे-छोटे हिस्से अलग होकर ठंडे हुए।
ये ठंडे हिस्से धीरे-धीरे ग्रह (planets) बन गए।
👉 निष्कर्ष: सूर्य पहले बना और उसके चारों ओर से पदार्थ अलग होकर ग्रह बने।
Scientists: Otto Schmidt (Russia, 1950) और Carl Weizsäcker (Germany)
उन्होंने पुराने Nebular Hypothesis को थोड़ा बदलकर नया रूप दिया।
Explanation (व्याख्या):
उनके अनुसार सूर्य के चारों ओर Solar Nebula (सौर नीहारिका) थी।
इसमें मुख्य रूप से Hydrogen + Helium गैस और कुछ धूल के कण थे।
गैस और धूल के कण आपस में टकराते और रगड़ खाते थे (friction + collision)।
इससे एक चकरी जैसी संरचना (disk-shaped cloud) बनी।
छोटे-छोटे कण आपस में जुड़कर बड़े पिंड बने।
➤ इस प्रक्रिया को कहते हैं Accretion (अभिवृद्धि) = छोटे कणों का मिलकर बड़े पिंड बनाना।
धीरे-धीरे ये पिंड ग्रहों में बदल गए।
शुरुआती वैज्ञानिक केवल पृथ्वी (Earth) और ग्रहों (Planets) की उत्पत्ति को समझने में रुचि रखते थे।
लेकिन बाद के वैज्ञानिकों ने यह महसूस किया कि —
👉 पहले पूरे ब्रह्मांड (Universe) की उत्पत्ति को समझना आवश्यक है।
इसलिए आगे चलकर Big Bang Theory और अन्य Cosmological Theories (ब्रह्मांड संबंधी सिद्धांत) सामने आए,
जो पूरे ब्रह्मांड की शुरुआत और विकास को समझाने का प्रयास करते हैं।
1. Nebula (नीहारिका):
अंतरिक्ष में गैस और धूल का विशाल बादल।
2. Solar Nebula (सौर नीहारिका):
सूर्य के चारों ओर फैला गैस और धूल का बादल।
3. Accretion (अभिवृद्धि):
छोटे-छोटे कणों का जुड़कर बड़े पिंड बनना
(Planetesimals → Planets)।
4. Planetesimals (ग्रहमूलक):
ग्रह बनने के प्रारंभिक छोटे ठोस पिंड।
1. Immanuel Kant (Nebular Hypothesis):
सूर्य और गैस/धूल के बादल से ग्रहों का निर्माण हुआ।
2. Laplace (1796):
Kant के विचारों को समर्थन दिया और उन्हें संशोधित किया।
3. Otto Schmidt & Carl Weizsäcker (1950):
उन्होंने विस्तार से बताया कि ग्रह सौर नीहारिका (Solar Nebula) से अभिवृद्धि (Accretion) प्रक्रिया द्वारा बने।
4. Later Scientists:
बाद के वैज्ञानिकों ने केवल पृथ्वी की नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड (Universe) की उत्पत्ति पर ध्यान दिया —
👉 इससे Big Bang Theory जैसे सिद्धांत सामने आए।
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